चौमूँ स्पेशल

डॉ शिखा मील, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ बराला हॉस्पिटल चौमूं

महिला चिकित्सक ने दिया संदेश--- और प्रयास फाउंडेशन के तहत लोगों की मदद..!

महिला चिकित्सक ने दिया संदेश— और प्रयास फाउंडेशन के तहत लोगों की मदद..!

चिकित्सक जिम्मेदारियों के साथ सामाजिक कार्यों में भी दिखी रूचि— और सोशल मीडिया पर भी दिखी काफी अच्छी एक्टिविटी..!
डॉ शिखा मील, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ बराला हॉस्पिटल चौमूं
Dr. Shikha Meel, gynecologist and obstetrician, Barala Hospital Chomu
Dr. Shikha Meel, gynecologist and obstetrician, Barala Hospital Chomu

पूरे देश में फैले कोरोना वायरस ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। ना जाने कितने लोग इस कोरोना महामारी गंभीर जैसी बीमारी का शिकार हो गए। इसी को लेकर हम बात कर रहे हैं चौमूं के एक महिला चिकित्सक कि जो कि डॉ शिखा मील, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ है। महिला चिकित्सक डॉ मील ने कोरोना महामारी के साथ-साथ एक प्रयास फाउंडेशन की मुहिम से जरूरतमंद लोगों की मदद करने का बीड़ा भी उठाया और जरूरतमंद लोगों के बीच जाकर राहत सामग्री देने का काम भी किया है और साथ ही गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को नि:शुल्क परामर्श देने का भी भरोसा दिलाया है। हालांकि की डॉ शिखा मील की सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिविटी देखने को मिलती है। काफी लोग सोशल मीडिया पर डॉक्टर मील के फैन है। जो डॉ शिखा की तारीफ करते हुए नजर आते हैं। इस डॉक्टर्स- डे पर कोरोना की वजह से जान गंवाने वाले सभी डॉक्टर व चिकित्साकर्मियों को हमारी ओर से श्रद्धांजलि। पिछले 2 साल डॉक्टर्स के लिए भी कुछ अलग रहे है।

कोरोना की 2 लहर से मचने वाली तबाही और मौतों ने हमें झकझोर कर दिया। हमें लोगों को चिकित्सीय सपोर्ट के अलावा मानसिक संबल भी देना था। वही लोंगो का इतना नुकसान देखकर खुद को भी इसी संबल की जरूरत थी। अस्पताल से हर दिन घर इसी चिंता के साथ पहुंचते थे। कि ना जाने कब हम परिवारजनों को भी इंफेक्शन ट्रांसफ़र कर दें। इसी बीच साथी डॉक्टर्स की ख़बरें आती रहती थी,जो इस जंग में शहीद हुए हैं। पर डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ के अथक प्रयासों के चलते कितने ही मरीज़ सकुशल अपने घर लौटे l हमें उन डॉक्टर्स के योगदान को भी नहीं भूलना चाहिए। इस बार हम सभी डॉक्टर्स का जनता को यही संदेश है। कोई भी व्यक्ति इस कोरोना महामारी को कम नहीं समझे। क्योंकि यह बहुत गंभीर बीमारी है, और सभी इसी के प्रति लापरवाही नहीं बरतें। सभी लोग आवश्यक रूप से मास्क लगाकर रहे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते रहें। इस महामारी ने यह साबित कर दिया कि दवा मरीज को ठीक कर सकती है, लेकिन मरीज को तो डॉक्टर ही ठीक करता है।

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